Soins de santé

असम के बागानों की चाय बनेगी इम्यूनिटी बूस्टर, ये गुण कोरोना से करेगा बचाव

News18Hindi Updated: June 10, 2020, 6: 39 AM IST

असम के बागानों की चाय बनेगी इम्यूनिटी बूस्टर, इस एक गुण चलते कोरोना से भी हो सकता है बचाव

असम के चाय बागानों में उत्पन्न होने वाली काली चाय इम्युनिटी बूस्टर के रूप में काम करती है.

अभी तक कोरोना (Corona) की कोई दवाई या वैक्सीन (Vaccine) नहीं आई है. ऐसे में असम के बागानों की हरी पत्तियां आपका कुछ हद तक बचाव कर सकती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated:
    June 10, 2020, 6: 39 AM IST

कोरोना वायरस (coronavirus) जैसी महामारी से बचने के लिए लोगों को इम्यूनिटी सिस्टम (Immunity System) को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए कहा जा रहा है. इम्यूनिटी बढ़ाने के संबंध में कई तरह के रिसर्च किए जा रहे हैं जिनमें सामने आया है कि असम के बागानों की चाय (Tea Of Assam) कोरोना वायरस से लड़ने के लिए शरीर को जरूरी इम्युनिटी प्रदान करती है. आपको बता दें कि अभी तक कोरोना की कोई दवाई या वैक्सीन (Vaccine) नहीं आई है. ऐसे में असम के बागानों की हरी पत्तियां आपका कुछ हद तक बचाव कर सकती हैं.

काली चाय की जरूरत


नवभारत टाइम्स में छपी खबर के अनुसार चीन भी कोरोना को जड़ से समाप्त करने के लिए भारतीय चाय बाजार पर निर्भर हो सकता है. ऐसा इसलिए है कि दुनियाभर को ग्रीन-टी सप्लाई करने वाले चीन को अब असम के चाय बागानों में उगने वाली काली चाय की जरूरत पड़ रही है ताकि वह अपने लोगों को इस भारतीय चाय का सेवन कराए और उनकी इम्युनिटी को बढ़ा सके. चीन बड़ी मात्रा में ग्रीन-टी का उत्पादन करता है जबकि भारत में काली चाय का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है.

इसे भी पढ़ेंः Work From Home करने वाले जरूर खाएं डार्क चॉकलेट, स्ट्रेस से जुड़ा है कनेक्शनकाली पत्तियों से तैयार लाल चाय

ग्रीन टी में दूध का उपयोग नहीं किया जाता है लेकिन काली चाय में दूध डालकर तैयार किए जाने पर यह हल्के लाल रंग की हो जाती है, इस कारण इसे लाल चाय भी कहते हैं. स्टडीज में सामने आया है कि लाल चाय शरीर को सूजन, फ्लू, फेफड़ों और श्वसनतंत्र को वायरस और बैक्टीरिया से बचाती है. दरअसल, पिछले दिनों चीन में ही हुई एक स्टडी में यह बात साबित हुई है कि असम के चाय बागानों में उत्पन्न होने वाली काली चाय इम्युनिटी बूस्टर के रूप में काम करती है. दरअसल इस चाय में थिफ्लेविन्स नामक तत्व मौजूद होता है, जो इंफ्लुएंजा और सांस संबंधी रोगों से बचने में शरीर की मदद करता है. पिछले दिनों असम स्थित चाय अनुसंधान ने भी दावा किया है कि काली पत्तियों से तैयार लाल चाय (Black Tea) शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है.

आयुष मंत्रालय की मान्यता


कोरोना वायरस से बचने के लिए शरीर की इम्युनिटी बढ़ाना जरूरी है. इसके लिए समय-समय पर आयुष मंत्रालय द्वारा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय जनहित में जारी किए जा रहे हैं ताकि बड़ी संख्या में लोग इनका फायदा उठा सकें.

इसे भी पढ़ेंः पुरुषों को भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर, कहीं आप में तो नजर नहीं आ रहे ये लक्षण

अपने सुझावों में आयुष मंत्रालय ने काढ़ा, तुलसी की चाय, गर्म पानी का सेवन जैसे घरेलू उपायों को आम लोगों के साथ साझा किया है. यदि नियमित रूप से सीमित मात्रा में इस लाल चाय का उपयोग किया जाए तो सांस से संबंधित बीमारी जल्दी से शरीर पर अटैक नहीं कर पाती है. आपको बता दें कि कोरोना भी सबसे पहले सांस नली पर ही हमला करता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

First published: June 10, 2020, 6: 39 AM IST

पूरी ख़बर पढ़ें

अगली ख़बर

Related Articles

Close